इन आंखों में समा लूँ तुझे
अधरों पर सज़ा लूँ तुझे
धड़कनों में जब्त कर
सुकूँ दिल का बना लूं तुझे
प्रतिभा..
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इक जिंदगी के राज को मेरे छुपाए होंठ कमबख्त ने इस तरह से मेरे दबाए होंठ उफ्फ फो दम ही निकल जाता मेरा बैरी ने जो होंठों से मेरे मिलाए हों...
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