Friday, July 19, 2019

सपने में तुम आते हो
देख मुझे अकेली

अधरों पर मुखरित होते हैं
प्रेम आमंत्रण तुम्हारे
भावनाये जगाती हैं
मुस्कान तुम्हारी
छूटने सयंम तब लगता है
जब आंख में तुम झाँकते हो
चूम कर मेरी हथेली ।।

सपने में तुम आते हो
देख मुझे अकेली

चाँद भी आकाश पर अटका
देखता रहता  लगाए टकटकी
हवा भी डाली डाली झूल
चल देती बहकी बहकी
सारा आलम तुम्हारे
प्यार में डूबा जाता है
सांस भी महकने लगती
मेरी बन चंपा चमेली

सपने में तुम आते हो
देख मुझे अकेली

माथे आरक्त बिंदिया सजा
लाज़ से लाल चेहरा
अपने पांवों पर टिका
बैठ जाती हूँ जब
आ करीब तुम्हारे
छूटने संयम लगता तुम्हारा
पाकर  मुझे अकेली

सपने में तुम आते हो
देख मुझे अकेली
#प्रतिभा
  pic ,  Diganant bindusar ji
जी की wall से 😊

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