जिंदगी की गुल्लक में
कुछ लम्हे इकठ्ठा
कर रही हूँ
हर पहर - कुछ पल
चुरा कर...
तुम संग बिताने
को पूरा दिन
जुटा रही हूँ।
😊
प्रतिभा
कुछ लम्हे इकठ्ठा
कर रही हूँ
हर पहर - कुछ पल
चुरा कर...
तुम संग बिताने
को पूरा दिन
जुटा रही हूँ।
😊
प्रतिभा
इक जिंदगी के राज को मेरे छुपाए होंठ कमबख्त ने इस तरह से मेरे दबाए होंठ उफ्फ फो दम ही निकल जाता मेरा बैरी ने जो होंठों से मेरे मिलाए हों...
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