Friday, July 19, 2019

कुछ अनकही बातें
कुछ मद्धम कहकहे
सांसो की कंपकपी
स्पर्श की सिरहन
प्रेम की निशानियां
समेटे हुए आँचल को बिछाती
उनींदी आंखे
और उसपर तुम्हारा उन्माद ख्याल
और फिर सिरा जोड़ती
कुछ अनकही बातें 💝
प्रतिभा

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होंठ

 इक जिंदगी के राज को मेरे छुपाए होंठ कमबख्त ने इस तरह से मेरे दबाए होंठ उफ्फ फो दम ही निकल जाता  मेरा बैरी  ने  जो होंठों से मेरे मिलाए  हों...