अधूरा प्रेम
इस प्रेम को बचा लेना चाहती हूं
अपने भीतर
संभावित आकांक्षाओं के संसार की तरह
जहां,,इच्छाओं की देहरी पर खड़े होकर
तुमसे आलिंगनबद्ध होकर
करना चाहती हूं
चाहनाओ की दुनिया की
पूरी परिक्रमा
हमारे अधूरे प्रेम के साथ
#प्रतिभा_चौहान
इक जिंदगी के राज को मेरे छुपाए होंठ कमबख्त ने इस तरह से मेरे दबाए होंठ उफ्फ फो दम ही निकल जाता मेरा बैरी ने जो होंठों से मेरे मिलाए हों...
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