नील वसन मृदु स्मित निश्छल
श्याम श्वेत नयन मन खंजन
आभित दृग अधर मन मंडल
चक्र ग्रीवा सोहत मणिधर
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन।
मन उत्ताल लहरों पर नृत्यातुर
पाकर प्रीति प्रबल प्रत्यातुर
भाव विहग चातक सम चातुर
नित नित निरखै नयन कातुर
चन्द्र शशि सम आभित मन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन।
बादलों से हल्का है चितवन
फागन फागन सावन सावन
कूल सरिता सा नीलम जल
लहर -लहर पावन - पावन
भर रजनी नील परी हाथ थामे
उपवन उपवन कानन कानन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन
गलबहियां चांद सितारों से की
महल महल प्रांगण प्रांगण
प्रणय पावक दग्ध सखी अब
मन मनसा जीवन जीवन
दृषित तृप्त नयन मेरे
अरुनकाले ज्यों उपवन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन
श्याम श्वेत नयन मन खंजन
आभित दृग अधर मन मंडल
चक्र ग्रीवा सोहत मणिधर
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन।
मन उत्ताल लहरों पर नृत्यातुर
पाकर प्रीति प्रबल प्रत्यातुर
भाव विहग चातक सम चातुर
नित नित निरखै नयन कातुर
चन्द्र शशि सम आभित मन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन।
बादलों से हल्का है चितवन
फागन फागन सावन सावन
कूल सरिता सा नीलम जल
लहर -लहर पावन - पावन
भर रजनी नील परी हाथ थामे
उपवन उपवन कानन कानन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन
गलबहियां चांद सितारों से की
महल महल प्रांगण प्रांगण
प्रणय पावक दग्ध सखी अब
मन मनसा जीवन जीवन
दृषित तृप्त नयन मेरे
अरुनकाले ज्यों उपवन
नमामि प्रतिभा त्वम मम मन
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